Super Trend Indicator – 📈 ट्रेडिंग में सबसे आसान इंडिकेटर।

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जो ट्रेडर्स शेयर बाजार में नए है, या जिन्हे टेक्निकल एनालिसिस समझने में परेशानी होती हैं, वह Super Trend Indicator से अपनी ट्रेडिंग की शुरवात कर सकते हैं।

क्योकि यह समझने में आसान हैं और इस्तेमाल करने में सरल हैं।

सुपर ट्रेंड टेक्निकल इंडिकेटर में सबसे आसान होने के साथ-साथ हर एक ट्रेडर के लिए बोहोत जरुरी हैं, क्योकि सुपर ट्रेंड आप को बड़ी आसानी से बता सकता हैं की आप को किस समय पर buy और selling करनी हैं। 

और अगर आप इस बाजार में नए हैं तो यह इंडिकेटर बड़े काम का हैं क्योकि, आप सिर्फ इस इंडिकेटर का उपयोग करके बाजार से अच्छा प्रॉफिट कमा सकते हैं।

और इस बात से फरक नहीं पड़ता की आप किस बाजार में काम करते हैं, सुपर ट्रेंड हर बाजार में बढ़ी आसानीसे काम करता हैं।

तो चलिए जानते हैं, What is Super Trend Indicator In hindi.

सुपर ट्रेंड इंडिकेटर क्या है?

सुपर ट्रेंड एक ट्रेंड फोल्लोविंग इंडिकेटर हैं, जो की बाजार या शेयर के ट्रेंड के साथ चलता हैं।

ट्रेंड फोल्लोविंग इंडिकेटर होने की वजह से यह ट्रेंडिंग बाजार में काफी अच्छी तरह से काम करता हैं।

जैसे की, MACD और Moving Average इस प्रकार ही सुपर ट्रेंड एक तरफ़ा बाजार में काफी सटीक और स्पष्ट रूप से काम करता हैं।

जब बाजार ट्रेंडिंग होता हैं तब यह इंडिकेटर बाजार के प्रति काफी सटीक जानकारी देता हैं। जिससे इसका उपयोग करना काफी आसान और फायदेमंद होता हैं। 
How to use Super Trend Indicator and how it works in Hindi

सुपर ट्रेंड कैसे काम करता हैं ?

सुपर ट्रेंड को प्रदर्शित करने के लिए १ सिंगल बैंड होता हैं, लेकिन यह सिंगल बैंड ही डबल बैंड का काम करता हैं। और इन डबल बैंड को कहते हैं upper band और lower band.

सुपर ट्रेंड कैसे काम करता हैं ? | How super trend indicator works in hindi
How super trend indicator works in hindi
  • Upper Band – याने के Bearish Band
  • Lower Band – याने के Bullish Band

इसमें समझने वाली बात यह हैं की, जब सुपर ट्रेंड प्राइस को क्रॉस करके upper band बनाता हैं। तब बाजार में मंदी की शुरवात होती है।

और इसी प्रकार जब super trend प्राइस को क्रॉस करके lower band बनता हैं तब बाजार में तेजी की शुरवात होती हैं।

इस लिए यह इंडिकेटर इस्तेमाल करने के लिए आसान और सरल हैं।

जब बाजार एक तरफ़ा होता हैं तब यह इंडिकेटर अच्छी तरह से काम करता हैं, लेकिन बाजार जब sideways चलता हैं उस समय यह इंडिकेटर चार्ट में अनियंत्रित रूप से खरेदी और बिकवाली के संकेत देता हैं।

और जब इंडिकेटर इस प्रकार से बर्ताव करता हैं तब whipsaw की सम्भावना बढ़ जाती हैं।

Super Trend Indicator In Sideways Markets
Super Trend Indicator In Sideways Markets

इस प्रकार के whipsaw के कारन ट्रेडर का स्टॉप लोस्स बार-बार हिट हो जाता हैं और उन्हें नुक्सान का सामना करना पड़ता हैं।

सुपर ट्रेंड के साथ यह सबसे बड़ी समस्या हैं की बाजार जब side ways होता हैं तब सुपर ट्रेंड की accuracy केवल 50 % हो जाती हैं।

इसका मतलम यह हैं की अगर आप 100 ट्रेड लेते हैं, तो उसमेसे सिर्फ 50 % ट्रेड ही सफल हो पाएंगे जिससे आप को ज्यादा प्रॉफिट नहीं हो पाएगा।

तो इस प्रकार की समस्या को कैसे सुलझाया जाये और सुपर ट्रेंड की accuracy को कैसे बढ़ाया जाये इन सभी बातों को हम आगे पढ़ेंगे।

Accuracy

इस इंडिकेटर की accuracy बढ़ाने के लिए आप को सही समय पर एंट्री और स्टॉप लोस्स कहा लगाना चाहिए इसका अच्छी तरह से पता होना जरुरी हैं। और कोनसा ट्रेड ले और कोनसा ट्रेड न ले इसका भी पता होना चाहिए।

वैसे तो सुपर ट्रेंड में हर बार बैंड बदलने पर buying और selling का संकेत मिल जाता हैं, लेकिन हमें हर बार नियमों को ध्यान में रखकर सुपर ट्रेंड के साथ ट्रेडिंग करनी चाहिए। जिससे हमारी accuracy बढ़ सके।

सुपर ट्रेंड इंडिकेटर कैसे इस्तेमाल करें ? | Super Trend Indicator Trading Strategy.

सुपर ट्रेंड का इस्तेमाल करने के लिए आप को यह जानना जरुरी हैं की चार्ट पर कोनसा टाइम फ्रेम का इस्तेमा करे। इस के लिए आप यह आर्टिकल पढ़ सकते हैं। चार्ट पर सही टाइम फ्रेम कैसे चुने ?

सुपर ट्रेंड की Buying Strategy.

चार्ट में हम देखे तो upper band याने की bearish band बाजार में मंदी की चाल दिखाता है तभी बुलिश कैंडल उप्पर बैंड को क्रॉस करके lower band याने की bullish band बनाता हैं।

Super Trend Indicator Buying Share Buying Strategy
Super Trend Indicator Buying Share Buying Strategy

Entry

यहाँ पर सुपर ट्रेंड हमें यह संकेत देता हैं की अब बाजार में तेजी की शुरवात होने वाली हैं, अब हमें इसमें खरेदी करने के लिए यह देखना हैं की जो कैंडल upper band को क्रॉस कर रही हैं उसके बाद जो कैंडल क्रॉस करने वाली कैंडल के High के ऊपर जाकर closing दे तब हमें बाजार में खरीदारी करना हैं।

Stop Loss

वैसे तो हम upper band लोअर बैंड बनते ही बाजार में खरेदी कर सकते हैं , लेकिंग क्रॉस करने वाली कैंडल के high के ऊपर closing से हमें पूरी confirmation मिल जाती हैं की यह तेजी का ट्रेंड पक्का हैं इस प्रकार से कन्फर्मेशन का आधार रखने से हम गलत एंट्री लेने से बच सकते हैं।

इस में स्टॉप लोस्स लगाने के लिए यह देखना हैं की जो कैंडल upper band को क्रॉस कर रही हैं उसकी low के निचे का स्टॉप लोस्स लगाना हैं।

Risk Reward Ratio

इस बिच आप को ट्रेड लेने से पहले एक और चीज का ध्यान रखना हैं। आप के खरेदी करने के पॉइंट से स्टॉप लोस्स लगाने के पॉइंट तक जो अंतर हैं वह आप के लिए रिस्क रिवॉर्ड रेश्यो के 2 % नियम के अनुसार होना चाहिए।

Exit

जब कोई कैंडल lower band को क्रॉस नहीं करती तब-तक आप को प्रॉफिट बुक नहीं करना हैं। जब चार्ट में upper band बन जाये तब आप को तुरंत प्रॉफिट बुक करना हैं।

तो इस प्रकार से हम सुपर ट्रेंड की मदत से खरेदी कर सकते हैं।

सुपर ट्रेंड की Selling Strategy.

Selling का तरीका buying के तरीके से उल्टा हैं।

चार्ट में हम देखे तो lower band याने की bullish band बाजार में तेजी की चाल दिखाता है तभी bearish कैंडल lower बैंड को क्रॉस करके upper band याने की bearish band बनाता हैं।

Super Trend Indicator Buying Share Selling Strategy
Super Trend Indicator Buying Share Selling Strategy

Entry

यहाँ पर सुपर ट्रेंड हमें यह संकेत देता हैं की, अब बाजार में मंदी की शुरवात होने वाली हैं अब हमें इसमें बिकवाली करने के लिए यह देखना हैं की जो कैंडल lower band को क्रॉस कर रही हैं उसके बाद जो कैंडल क्रॉस करने वाली कैंडल के low के निचे जाकर closing दे तब हमें बाजार में बिकवाली करना हैं।

Stop Loss

वैसे तो हम लोअर bandउप्पेर बैंड बनते ही बाजार में बिकवाली कर सकते हैं , लेकिन क्रॉस करने वाली कैंडल के low के निचे closing से हमें पूरी confirmation मिल जाती हैं की यह मंदी का ट्रेंड पक्का हैं। इस प्रकार से कन्फर्मेशन का आधार रखने से हम गलत एंट्री लेने से बच सकते हैं।

इस में स्टॉप लोस्स लगाने के लिए यह देखना हैं की जो कैंडल लोअर band को क्रॉस कर रही हैं उसकी high की तुलना में पिछली जिस भी कैंडल का हाई के ऊपर का स्टॉप लोस्स लगाना हैं।

Risk Reward Ratio

इस बिच आप को ट्रेड लेने से पहले एक और चीज का ध्यान रखना हैं आप के बिकवाली करने के पॉइंट से स्टॉप लोस्स लगाने के पॉइंट तक जो अंतर हैं वह आप के लिए रिस्क रिवॉर्ड रेश्यो के 2 % नियम के अनुसार होना चाहिए।

Exit

जब कोई कैंडल upper band को क्रॉस नहीं करती तब-तक आप को प्रॉफिट बुक नहीं करना हैं। जब चार्ट में लोअर band बन जाये तब आप को तुरंत प्रॉफिट बुक करना हैं।

तो इस प्रकार से हम सुपर ट्रेंड की मदत से बिकवाली कर सकते हैं।

Super Trend Indicator Formula

सुपर ट्रेंड का कैलकुलेशन ATR के आधार पर होता हैं। ATR मतलब के Average True Range. ATR बाज़ार में Price Volatility याने के बाजार में अस्थिरता दर्शाता हैं।

सुपर ट्रेंड का कैलकुलेशन करने के लिए ATR को २ महत्वपरूण बिंदु से कैलकुलेट किया जाता हैं।

Period और Multiplier

  • Period – याने अवधि जिसमे ATR के दिनों के संख्या लिखी जाती हैं।
  • Multiplier – जिसमे ATR से multiplied किया जाता हैं।
Super Trend Indicator Formula- Hindi
Super Trend Indicator Formula

Super Trend Indicator Formula

Up = (high + low / 2 + multiplier x ATR

Down = (high + low) / 2 – multiplier x ATR

Average True Range Formula

[(Prior ATR x 13) + Current TR] / 14

Supertrend indicator best settings

सुपर ट्रेंड को हम जब चार्ट पर लगाते हैं, तब उसके लिये उपयोग में आनेवाली default setting 10 की ATR period के लिए और 3 से multiplied किया जाता हैं और काफी ट्रेडर इसी सेटिंग के साथ सुपर ट्रेंड के साथ इसका उपयोग करते हैं।

Super Trend Indicator Setting
Super Trend Indicator Setting

लेकिन कुछ अनुभवी ट्रेडर्स 10 की जगह 14 की ATR का उपयोग करते हैं इससे सुपर ट्रेंड की accuracy बढ़ जाती हैं।

Super Trend Indicator Book in Hindi

अगर आप सुपर ट्रेंड इंडिकेटर के बारेमें ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी या और अन्य बाते जानना चाहते हैं, तो आप इस किताब को हिंदी में पढ़ सकते हैं।

निष्कर्ष

आशा हैं आप को supertrend इंडिकेटर का मतलब समझ आया होगा।

सुपरट्रेंड इंडिकेटर यह इस्तेमाल करने में आसान हैं लेकिन यह इस्तेमाल करने केलिए आप को प्राइस एक्शन की जानकारी होना आवश्यक हैं।

अगर आप को What is super trend indicator in Hindi आर्टिकल पसंद आया हो, तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर share करे।

सुपर ट्रेंड इंडिकेटर क्या है

सुपर ट्रेंड एक ट्रेंड फोल्लोविंग इंडिकेटर हैं, जो की बाजार या शेयर के ट्रेंड के साथ चलता हैं।

सुपर ट्रेंड इंडिकेटर का फार्मूला क्या हैं ?

Super Trend Indicator Formula :
Up = (high + low / 2 + multiplier x ATR
Down = (high + low) / 2 – multiplier x ATR
Average True Range Formula
[(Prior ATR x 13) + Current TR] / 14

सुपर ट्रेंड इंडिकेटर की accuracy कितनी हैं ?

बजार जब एक तरफ़ा हो तो सुपर ट्रेंड 85 % सही होता हैं, लेकिन अगर बाजार sideways हो तो यह इंडिकेटर 50 % सही होता हैं।

आप सुपर ट्रेंड का उपयोग कैसे करते हैं?

सुपर ट्रेंड का इस्तेमाल करने के लिए आप को यह जानना जरुरी हैं की चार्ट पर कोनसा टाइम फ्रेम का इस्तेमा करे। इस के लिए आप यह आर्टिकल पढ़ सकते हैं।

तकनीकी विश्लेषण में सुपरट्रेंड क्या है?

सुपर ट्रेंड एक ट्रेंड फोल्लोविंग इंडिकेटर हैं, जो की बाजार या शेयर के ट्रेंड के साथ चलता हैं।
ट्रेंड फोल्लोविंग इंडिकेटर होने की वजह से यह ट्रेंडिंग बाजार में काफी अच्छी तरह से काम करता हैं।

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